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गली-गली में प्रेम || नीम लड्डू
Author Acharya Prashant
Acharya Prashant
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प्रश्नकर्ता: बच्चा पैदा करने को प्रेम का एक प्रतीक भी माना गया है। जल्दी ही वेलेंटाइन डे भी आ रहा है। कृपया आप उस पर कुछ कहें। आचार्य प्रशांत: छोटा था, स्कूल के बाहर खड़ा था – वहाँ देखूँ, एक गधा एक गधी को दौड़ाए हुए है। मुझे वो पूरा दृश्य बड़ा आकर्षक लगे। जब ये पीछे वाला गधा आगे वाले गधे के पीछे जाता है तो इसका शरीर भी कुछ भिन्न आकार का हो जाता है। मेरा जो रिक्शे वाला था, उसने मुझे टोका कई बार, बोला "क्या देख रहे हो? ये कोई देखने की चीज़ है?" और मुझे तो कौतूहल, मैं तो देखूँ। मैं कहूँ, “ये करते क्या हैं?” बहुत समय तक तो मुझे लगा ये लड़ाई है, ये पीछे वाला आगे वाले को चढ़ कर के मार रहा है। फिर कुछ महीने बीते एक गधु आ गया।

तो जब तुम कह रहे हो कि बच्चा पैदा करना प्रेम का प्रतीक है – ये कौन-सा प्रेम था उस गधेबाज़ी में जिससे वो गधु पैदा हुआ था? दुनिया का हर गधा बच्चा पैदा करने में समर्थ है, और पैदा कर भी रहा है। इसमे प्रेम कहाँ से आ गया?

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