ज्ञान है आपकी असली ताकत; आपका कौशल आपकी असली ताकत है; आपने दुनिया कितनी देखी है, ये आपकी असली ताकत है। अगर शरीर की भी सुंदरता की बात करनी है तो शरीर की सुंदरता है शरीर की ताकत, फिटनेस। शरीर ताकतवर रखो, फिट रखो।
यह सारांश AI द्वारा तैयार किया गया है। इसे पूरी तरह समझने के लिए कृपया पूरा लेख पढ़ें।
आचार्य प्रशांत: ये जो लड़के या पुरुष, लड़कियों या स्त्रियों पर रीझते हैं, ये बात लड़कियों को ऐसा लगता है जैसे उनकी ताकत है। नहीं, ये तुम्हारी ताकत नहीं है; ये तुम्हारे लिए बहुत बड़ा ख़तरा है क्योंकि अगर आप सोलह की या अठारह की या बीस की या पच्चीस की हैं, और आप पा रही हैं कि आपको दुनिया से ध्यान और वाहवाही और तारीफ और कई बार रुपया-पैसा भी सिर्फ इसी बात पर मिल जा रहा है कि आपका शरीर सुंदर है—जो कि कई बार होता है, होता है कि नहीं?
तो फिर आपके पास अब वजह क्या बची अपने भीतर दूसरे गुण विकसित करने की? जीवन में ऊँचाइयाँ और उपलब्धियाँ हासिल करने की? आप कहने लग जाती हैं, ऐसा संभव है कि आप ऐसा कहने लग जाएँ, कि - "भई, मेरी तो देह सुंदर है, चेहरा-मोहरा आकर्षक है, मुझे तो इतने से ही सब कुछ मिला जा रहा है।
देखो, बहुत बड़ी-बड़ी उपलब्धियों वाले पुरुष भी मेरे पीछे कतार लगाकर खड़े हैं तो मैं करूँगी क्या उपलब्धियाँ हासिल करके? एक-से-एक ऊँची नौकरियों के लोग आतुर हैं मेरा साथ पाने को तो मुझे क्या करना है कोई ऊँची नौकरी पा करके? बहुत जिन्होंने बड़ी-बड़ी शिक्षाएँ ले लीं, वो भी मेरे आगे नाक रगड़ रहे हैं, एक घुटने पर बैठे हुए हैं और कह रहे हैं बस अपना हाथ दे दो। और ये सब वो लोग हैं जिन्होंने बड़ी ऊँची-ऊँची शिक्षा पाई हुई है, तो मुझे क्या ज़रूरत है बहुत ऊँची शिक्षा पाने की? इतनी मेहनत कौन करे? अरे भई! मुझे तो अपनी शक्ल के आधार पर ही इतने ऊँचे-ऊँचे लोग मिल गए तो मुझे और मेहनत करने की ज़रूरत क्या है?” इस तरह का लालच उठ सकता है।




