एक क्रांतिकारी को उसकी वीरता के लिए जितना श्रेय मिलता है, उससे ज़्यादा श्रेय उसकी माँ को मिलना चाहिए। माँ चाहिए, जो बताए बेटे को कि तुम वो हो, जो शरीर के जाने के बाद भी नहीं मर सकता; तो मौत से घबराना कैसा? "न हन्यते हन्यमाने शरीरे।" भारत को अगर वीरों का देश बनाना है तो सर्वप्रथम हमने माँ का जो विकृत आदर्श खड़ा कर दिया है, इसको ढहाना पड़ेगा।
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प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, प्रणाम।
आचार्य प्रशांत: जी।
प्रश्नकर्ता: अभी रात के बारह बजे हैं, शहीद दिवस शुरू हो चुका है। और पिछले कुछ दिनों से मैं भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु — इनके विषय में पढ़ने की कोशिश कर रहा था। तो मेरे पास एक किताब आई जिसमें भगत सिंह के बहुत सारे लेख और उन्होंने जो लेटर्स जेल से अपने घरवालों को लिखे थे, वो सब मुझे वहाँ पढ़ने को मिले।
आचार्य प्रशांत: भगत सिंह रीडर।
प्रश्नकर्ता: जी, भगत सिंह रीडर। उसमें दो-तीन लेटर्स थे और दो-तीन लिखे गए लेख थे जो मुझे बहुत अच्छे लगे, तो मैं चाहता था कि आपसे उनके बारे में पूछूँ।




