वीडियो जानकारी: 27.07.25, गीता समागम, गोवा Title: स्त्री-पुरुष की पहचान कपड़ों और रंगों से क्यों? || आचार्य प्रशांत (2025) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: इस वीडियो में आचार्य प्रशांत समाज द्वारा बनाए गए जेंडर स्टीरियोटाइप्स (Gender Stereotypes) पर चर्चा कर रहे हैं। वे समझाते हैं कि समाज ने झूठा संबंध बना दिया है—जैसे लड़कियों को गुलाबी रंग, कोमलता और सजावट से जोड़ देना, और लड़कों को ग्रे, मज़बूती और कठोरता से जोड़ देना। इंसान को किसी एक रंग, कपड़े या आचरण तक सीमित करना उसकी स्वतंत्रता छीन लेना है। आचार्य जी स्पष्ट करते हैं कि असली आज़ादी तभी है जब हम इन नकली बंधनों और रूढ़ियों से मुक्त होकर अपनी पसंद और मौज से जी सकें। औरत या आदमी होने का असली मतलब किसी रंग, कपड़े या दिखावे से तय नहीं होता, बल्कि भीतर की मौलिकता और स्वतंत्रता से तय होता है। यह वीडियो उन लोगों के लिए है जो जेंडर से जुड़ी सामाजिक रूढ़ियों से बाहर निकलकर अपनी असली पहचान जीना चाहते हैं।