वीडियो जानकारी: 20.01.23, गीता समागम Title : छोटे मुद्दों पर नहीं, असली लड़ाई में झेलना सीखो! || आचार्य प्रशांत (2023) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी जीवन के आघातों को स्वीकार करने और उन्हें सही ढंग से झेलने की कला पर चर्चा कर रहे हैं। आचार्य जी समझा रहे हैं कि जीवन में आने वाले दुःख और आघातों को दबाकर सहना नहीं, समझकर स्वीकार करना चाहिए। वे स्पष्ट करते हैं कि जब कोई व्यक्ति डर, संस्कार या विवशता के कारण चुप रहता है, तो वह भीतर से टूटने लगता है — ऐसा दमन अंतःविकृति और पीड़ा का कारण बन जाता है। लेकिन जब कोई ज्ञान और प्रेम से सजग होकर परिस्थितियों को स्वीकार करता है, तब वही स्वीकार आंतरिक शक्ति और मुक्ति का माध्यम बन जाता है। आचार्य जी बताते हैं कि सहनशीलता का अर्थ बेहोशी में बर्दाश्त करना नहीं, बल्कि जागरूकता में स्थित रहकर जीवन के सत्य को अपनाना है।