वीडियो जानकारी: 12.09.25, वेदांत संहिता, मुंबई Title : एक नन्ही-सी बच्ची से कैसे टूटा सबका भ्रम? || आचार्य प्रशांत (2025) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: इस वीडियो में एक छोटी-सी बच्ची आचार्य जी से प्रश्न पूछती है। आचार्य जी उसे समझाते हैं कि जो बात हमें बहुत स्वाभाविक लगती है, वह उतनी सीधी नहीं होती। आचार्य जी स्पष्ट करते हैं कि बोलना, आवाज़ आना और प्रतिक्रिया देना—इन सबका अर्थ हम अक्सर गलत समझ लेते हैं। आचार्य जी बताते हैं कि रोज़मर्रा की जिन चीज़ों को हम अपनी समझ और चेतना मान लेते हैं, उनमें एक गहरा भ्रम छुपा होता है। यह संवाद मासूम जिज्ञासा से शुरू होकर हमारे अपने बारे में सोचने की दिशा बदल देता है। अपने “मैं” को लेकर एक असहज लेकिन ज़रूरी प्रश्न के साथ छोड़ देता है।