वीडियो जानकारी: 27.07.25, गीता समागम, गोवा Title: काम ज़िंदगी का हिस्सा नहीं, काम ही है ज़िंदगी || आचार्य प्रशांत (2025) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: इस वीडियो में आचार्य प्रशांत जीवन में “सार्थक काम” चुनने के महत्व पर चर्चा कर रहे हैं। वह बताते हैं कि “सही काम” पाना जीवन का सबसे बड़ा वरदान है। लेकिन यह आसानी से नहीं मिलता; इसके लिए सालों की तैयारी, मेहनत और निरंतर संघर्ष करना पड़ता है। सार्थक काम वह है जो केवल पैसा कमाने के लिए न हो, बल्कि जिसमें आपका मन, दिल और आत्मा पूरी तरह जुड़ जाए। आचार्य जी समझाते हैं कि पैसा इसमें सिर्फ एक साधन है, ताकि आप अपनी ऊर्जा और समय पूरी तरह उस काम में लगा सकें। आचार्य जी स्पष्ट करते है कि “अच्छी सैलरी” या “कंफर्टेबल जॉब” असली सफलता नहीं है — असली सफलता है ऐसा काम करना जो आपके जीवन को अर्थ दे, आपको हर दिन प्रेरित करे और भीतर से खुश रखे।