वीडियो जानकारी: 05.04.2025, Dubai Heights Academy, दुबई Title: आख़िर और कितने पैसे चाहिए? || आचार्य प्रशांत, दुबई (2025) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: इस वीडियो में आचार्य प्रशांत जीवन में भीड़ की दौड़ से हटकर ‘अर्थपूर्ण जीवन’ चुनने के महत्व पर चर्चा कर रहे हैं। आचार्य जी स्पष्ट करते हैं कि आज का इंसान जीवन को जीने के बजाय सिर्फ़ भीड़ की दौड़ में भाग रहा है। गाड़ी, पैकेज और दिखावे की चीज़ें मिल भी जाएँ तो भी भीतर सुकून क्यों नहीं मिलता—इस पर वे गहराई से प्रकाश डालते हैं। आचार्य जी बताते हैं कि भीड़ के साथ चलना आसान है, लेकिन असली मेहनत है अकेले चलना और खुद से ईमानदारी से सवाल करना। झूठी मुस्कान और जबरन खुश रहने की कोशिश हमें कहीं नहीं ले जाती; वास्तविक स्वतंत्रता और सुकून तभी मिलता है जब जीवन का उद्देश्य गहराई से समझा जाए और उसी के अनुसार जिया जाए। आचार्य जी यह भी बताते हैं कि रेस में जीतना सफलता नहीं है—सच्ची सफलता है ऐसा जीवन जीना जिसमें भीतर आज़ादी और सुकून हो।