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हम बार-बार क्यों हार जाते हैं? || आचार्य प्रशांत (2025)
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5 months ago
Description

वीडियो जानकारी: 30.07.25, वेदांत संहिता, गोवा Title : हम बार-बार क्यों हार जाते हैं? || आचार्य प्रशांत (2025) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी बार-बार बदलने वाली चीज़ों और झूठे वादों के पीछे भागने पर चर्चा कर रहे हैं उन्होंने समझाया कि असली समस्या बाज़ार, विज्ञापन या बाबाओं में नहीं है, बल्कि हमारी आदत में है—हम छोटी-छोटी हारों को सामान्य मानकर स्वीकार कर लेते हैं। यही आदत हमें बड़ी हारों और बड़े प्रलोभनों के सामने भी झुका देती है। आचार्य जी समझा रहे हैं कि जहाँ सत्य दाँव पर हो, वहाँ कोई भी लड़ाई “छोटी” नहीं होती; लेकिन जहाँ मुद्दा तुच्छ हो, वहाँ पीछे हट जाना ही बुद्धिमानी है। साथ ही उन्होंने कहा कि शरीर का ख्याल रखना तभी सार्थक है जब जीवन किसी बड़े उद्देश्य को समर्पित हो—वरना देह को भोग में नष्ट कर देना ही आसान है। यह वीडियो उन सबके लिए है जो बार-बार प्रलोभनों के जाल में फँस जाते हैं और जानना चाहते हैं कि सच्ची मजबूती कैसे आती है—छोटी-छोटी लड़ाइयों को जीतकर, सत्य के लिए डटकर, और जीवन को सार्थक दिशा में समर्पित करके।