वीडियो जानकारी: 16.08.25, PVR गोवा Title : सच्ची ममता वही जो बाँधे नहीं || आचार्य प्रशांत (2025) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी एक माँ के प्रश्न पर चर्चा कर रहे हैं, जो अपने बच्चों को गीता सत्र से जोड़े रखते हुए भी उनके भविष्य और दुनियादारी को लेकर द्वंद्व में हैं। आचार्य जी समझा रहे हैं कि यदि बच्चों को वही सिखाना है जो पूरी दुनिया कर रही है, तो गीता का मार्ग क्यों अपनाया जाए — आध्यात्मिकता का अर्थ ही है भीड़ से अलग दिशा में चलना। वे बताते हैं कि ममता प्रकृति की शक्ति है, लेकिन जब वह बंधन बन जाती है तो दुख का कारण बनती है। आचार्य जी स्पष्ट करते है कि भीतर उठती इच्छाओं, ममता और भावनाओं को रोका नहीं जा सकता — उन्हें बर्दाश्त करना सीखो, यही साधना है। माँ को जो समझ उन्हें गीता से मिली है, वही समझ अपने बच्चों तक पहुँचाएँ, बिना अपराधबोध या स्वार्थ के। सच्चा मार्ग दुख से भागने का नहीं, बल्कि उसे मजबूती से झेलने और उससे ऊपर उठने का है।