वीडियो जानकारी: 10.5.2025, बोध प्रत्यूषा, ग्रेटर नोएडा Title : पढ़ाई में मन नहीं लगता? || आचार्य प्रशांत (2025) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी एक छोटी उम्र की प्रश्नकर्ता के सवाल का उत्तर देते हुए समझाते हैं कि मन का एक जगह न लगना स्वाभाविक है। आचार्य जी बताते हैं कि बचपन और जवानी में मन कई दिशाओं में भटके तो यह अच्छी बात है, क्योंकि इससे सही रास्ता खोजने का अवसर मिलता है। वे स्पष्ट करते हैं कि जब तक कोई सच्ची और ऊँची चीज़ न मिले, तब तक मन को रोकने की ज़रूरत नहीं है—आगे बढ़ो और नए अनुभव लो। आचार्य जी कहते हैं कि अनुशासन के नाम पर बच्चों को बाँधना उनकी जिज्ञासा और जीवंतता को नष्ट कर देता है। मन वहीं लगाना चाहिए जहाँ सच्चाई और सुंदरता हो, हर जगह मन लगाना केवल झूठा कर्तव्य निभाना है। यह वीडियो उन सभी के लिए है जो जीवन, पढ़ाई या करियर में मन के भटकाव से जूझ रहे हैं और सही दिशा पाना चाहते हैं।