वीडियो जानकारी: 19.10.25, संत सरिता, ग्रेटर नोएडा Title : एक दिन की सैलरी के लिए 30 दिन की कैद? || आचार्य प्रशांत (2025) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी द्वारा लिखी गई किताब Truth Without Apology की बुक साइनिंग इवेंट्स से कुछ दुर्लभ और आत्मीय पल सहेजे गए हैं। गीता दीपोस्त्सव के मौके पर हर कोई बेहद उत्साहित था | इसी बीच, प्रश्नकर्ताओं के सवालों का जवाब देते हुए आचार्य जी समझाते हैं कि जीवन में “काम” का अर्थ कुछ नया बनाना नहीं बल्कि उन झूठे कामों को हटाना है जो अज्ञानवश किए गए हैं। असली कार्य सृजन नहीं, शुद्धिकरण है — गंदगी और बेड़ियों को साफ़ करना ही सच्चा मिशन है। लोग पैसों या सुरक्षा के लिए निरर्थक काम करते हैं क्योंकि वे अज्ञानी हैं और नहीं जानते कि क्या कर रहे हैं। आचार्य जी कहते हैं कि वास्तविक काम नकारात्मक होगा — यानी गलत को हटाना, भीतर और बाहर की गंदगी साफ़ करना। इस सफाई की शुरुआत स्वयं के मन से करनी होगी, तभी समझ में आएगा कि क्या वास्तव में मूल्यवान है और क्या केवल कचरा।