वीडियो जानकारी: 09.09.25, गीता समागम, ग्रेटर नोएडा Title : सचमुच अफ़सोस है तो पहले जैसे नहीं रहोगे || आचार्य प्रशांत (2025) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी नकली ग्लानि और असली ग्लानि के फर्क पर चर्चा कर रहे हैं। आचार्य जी बताते हैं कि हमें अक्सर अपनी गलतियों का दुख नहीं होता, बल्कि पकड़े जाने, बदनामी और अपमान का दुख होता है। यह जो ग्लानि हम महसूस करते हैं, वह हमें बदलती नहीं, बल्कि हमें वैसा ही बनाए रखती है। आचार्य जी स्पष्ट करते हैं कि सच्ची ग्लानि वह होती है जो आदमी के केंद्र को जला दे और उसे बदलने पर मजबूर कर दे। यह वीडियो उन युवाओं के लिए ज़रूरी है जो अपने अफ़सोस, आत्म-धोखे और नकली पछतावे के कारण जीवन में आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।