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सच जिसका आधार, निर्भयता उसका तरीका || आचार्य प्रशांत, कठ उपनिषद् पर (2025)
शास्त्रज्ञान
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6 months ago
Description

वीडियो जानकारी: 28.10.25, वेदांत संहिता, ग्रेटर नोएडा Title : सच जिसका आधार, निर्भयता उसका तरीका || आचार्य प्रशांत, कठ उपनिषद् पर (2025) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: एतच्छ्रुत्वा संपरिगृह्य मर्त्यः प्रवृह्य धर्म्यमणुमेतमाप्य । स मोदते मोदनीयः हि लब्ध्वा विवृतः सद्म नचिकेतसं मन्ये ॥ ~ कठोपनिषद 1.2.13 जो मनुष्य इस धर्मयुक्त उपदेश को विवेकपूर्वक सुनकर, इसे पूरी तरह से आत्मसात करते हुए उस आत्म-तत्व को प्राप्त होते हैं, वास्तव में वे आनंद के अधिकारी हो, आनंद को प्राप्त होते हैं। मैं मानता हूँ कि नचिकेता के लिए उस परम-धाम का द्वार खुल चुका है। इस वीडियो में आचार्य जी, कठ उपनिषद् पर चर्चा कर रहे हैं। आचार्य जी समझाते हैं कि अध्यात्म का मतलब सिर्फ महान लोगों की तारीफ करना नहीं है, बल्कि उन्हें देखकर खुद को बदलना है। नचिकेता का उदाहरण इसलिए दिया गया है ताकि हम ताली बजाकर आगे न बढ़ जाएँ, बल्कि खुद से पूछें- “जो साहस, सच्चाई और निर्भयता उसमें है, वह मुझमें क्यों नहीं?” आचार्य जी बताते हैं कि हम अक्सर किसी बहादुर या सच्चे व्यक्ति को देखकर ताली बजाते हैं, उसकी पूजा करने लगते हैं, लेकिन अपने जीवन में वही गुण लाने की कोशिश नहीं करते। दूसरों की महानता को देखकर प्रभावित होना काफी नहीं, उसे अपने जीवन की दिशा बनाना ही सच्चा आध्यात्म है।