वीडियो जानकारी: 31.05.2025, गीता समागम, ग्रेटर नॉएडा Title : मौत, प्रार्थना और ईश्वर पर कुछ गहरे सवाल || आचार्य प्रशांत (2025) विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी ने समझाया है कि साक्षित्व और शमन अलग चीज़ें नहीं हैं, बस एक ही बात को समझने के दो तरीके हैं। किसी के जाने पर संवेदना जताने के लिए तय शब्द ज़रूरी नहीं, जो बात सच्ची और अर्थपूर्ण लगे वही कहनी चाहिए। वेदांत के अनुसार असली प्रार्थना यही है कि काम पूरे मन से, बिना फल की चाह के किया जाए। बाहर किसी सहारे की उम्मीद रखना मन को झूठी तसल्ली देता है, सच्चाई यह है कि ताकत हमारे भीतर ही है। खुद को देखने पर अगर अपनी कमियाँ दिखें और बुरा लगे तो घबराने की ज़रूरत नहीं, यही अंदर की सफ़ाई और आगे बढ़ने का संकेत है। साक्षित्व का मतलब कुछ नया जानना नहीं, बल्कि जो सच पहले से पता है उसे ईमानदारी से स्वीकार करना है।