वीडियो जानकारी: 02.05.2025, किरोड़ीमल कॉलेज (DU), दिल्ली Title: डॉ. अंबेडकर ने बौद्ध धर्म ही क्यों चुना? || आचार्य प्रशांत, किरोड़ीमल कॉलेज, DU (2025) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: इस वीडियो में आचार्य प्रशांत दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम “Ambedkar: The Champion of Social Justice” में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए धर्म, दर्शन और समाज के वास्तविक अर्थ पर चर्चा कर रहे हैं। आचार्य जी बताते हैं कि असली धर्म किसी परंपरा या कर्मकांड का पालन नहीं, बल्कि “होश में जीने” की कला है—यानी सत्य की खोज। वे स्पष्ट करते हैं कि डॉ. अंबेडकर ने बौद्ध धर्म को इसलिए चुना क्योंकि उसमें दर्शन है, अंधविश्वास नहीं। धर्म तब पतित होता है जब वह दर्शन से कटकर केवल परंपरा बन जाता है। आचार्य जी समझाते हैं कि मनुस्मृति जैसे ग्रंथ किसी युग विशेष के सामाजिक नियम मात्र थे, जबकि उपनिषद और वेदांत शाश्वत और कालातीत सत्य को प्रकट करते हैं। आचार्य जी स्पष्ट करते हैं कि सच्ची करुणा दूसरों को दान देने में नहीं, बल्कि उन्हें उनकी अपनी शक्ति और आत्मबल का बोध कराने में है — यही असली धर्म है, जो मनुष्य को भीतर से स्वतंत्र और सशक्त बनाता है।