वीडियो जानकारी: 31.08.2025, भगवद् गीता सत्र, गोवा Title: प्रेम बड़ा कि बोध? (बोलो गुड़-गुड़-गुड़-गुड़) || आचार्य प्रशांत (2025) 📋 Chapters: 0:00 – Intro 1:00 – प्रेम बड़ा या बोध? 11:26 – सच्चा प्रेम कैसे मिलेगा? 17:20 – प्रेम क्यों टूट जाता है? 24:52 – अंधभक्ति और भारत का पतन 36:44 – Testimonial विवरण: यह वीडियो एक गहन प्रश्न पर केंद्रित है—प्रेम बड़ा है या बोध? आचार्य प्रशांत जी बताते हैं कि बिना समझ के किया गया प्रेम केवल क्षणिक भावनात्मक उबाल होता है, जो अंततः दुःख और निर्बलता में बदल जाता है। वे रूपकों और व्यंग्य के माध्यम से स्पष्ट करते हैं कि रंग, रूप और भावनाओं पर आधारित प्रेम टिकाऊ नहीं हो सकता; सच्चा प्रेम तभी जन्म लेता है जब उसकी जड़ें बोध में हों। आचार्य जी यह भी समझाते हैं कि जब जीवन की प्राथमिकताएँ बिना बोध के तय होती हैं, तो व्यक्ति ही नहीं, पूरा समाज भी दुर्बल और आश्रित बन जाता है। यह सत्र उन सभी के लिए है, जो बोध, प्रेम और ज्ञान के सच्चे अर्थ को समझना चाहते हैं।