वीडियो जानकारी: 14.09.2025 , ग्रेटर नोएडा Title: क्या आप दुख से भाग रहे हैं… या उसे पाल रहे हैं? || आचार्य प्रशांत (2025) 🗒️Chapters: 00:00 - Intro 01:05 - जीवन में दुख क्यों है? 09:56 - सारे दुखों की जड़ 19:15 - जब पिंजरा आज़ादी लगने लगे 27:35 - गलत संगत का विनाशकारी असर 35:02 - घरेलू काम का डरावना सच 47:14 - ‘मम्मी समाज’ की क्यूटनेस 54:55 - दुख नहीं है, तो बात खत्म विवरण: इस वीडियो में आचार्य प्रशांत जी बताते हैं कि मनुष्य दुख से भागता नहीं—बल्कि उसे ही जीने की आदत डाल लेता है। धीरे-धीरे वही गलत जीवन उसका “सामान्य” बन जाता है, और फिर जब उसके परिणाम सामने आते हैं—बीमारी, थकावट, टूटे रिश्ते—तो वह कहता है, “यह दुख है।” आचार्य जी समझाते हैं कि असली दुख वही है जिसे हमने पकड़ रखा है, पर उसे हम जीवन, प्रेम या कर्तव्य का नाम देकर पूजते रहते हैं। यह संवाद दिखाता है कि मनुष्य केवल दुख का भोगी नहीं, उसका निर्माता भी है; और मुक्ति तभी संभव है जब वह अपने ही बनाए इस जाल को पहचानकर छोड़ दे।