On YouTube
गीता सबके लिए नहीं है, ये बात खुद श्रीकृष्ण ने क्यों कही’ || आचार्य प्रशांत (2023)
9.4K views
3 months ago
Description

वीडियो जानकारी: 20.09.2023, गीता समागम, ग्रेटर नोएडा Title : ‘गीता सबके लिए नहीं है, ये बात खुद श्रीकृष्ण ने क्यों कही’ || आचार्य प्रशांत (2023) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: आचार्य जी कहते हैं कि हर वचन का संदर्भ समझना जरूरी है, एक ही बात हर व्यक्ति के लिए नहीं होती। मरीज से कहा जाता है, “तुझे कोई नहीं बचा सकता,” ताकि वह संभले और सुधरे; और चिकित्सक से कहा जाता है, “तुझे हर हालत में उसे बचाना है ”। यही बात गीता में भी है, “कुपात्र को ज्ञान मत दो” का अर्थ यह नहीं कि उसे छोड़ दो, बल्कि पहले उसे सुपात्र बनाओ। कर्म और कर्ता का संबंध भी यही बताता है कि कर्म तभी सार्थक है जब वह भीतर की समझ से उठे, क्योंकि कर्म कर्ता का ही प्रतिबिंब होता है। जो जाग गया है, वही दूसरों को जगाने का उत्तरदायी है, भले ही इसके लिए उसे स्वयं जलना पड़े। श्रीकृष्ण ने अर्जुन को आदेश नहीं दिया, समझ दी, क्योंकि जब भीतर ज्ञान जागता है, तब कर्म सहज रूप से प्रकट होता है, किसी बाहरी आदेश से नहीं, बल्कि आत्मबोध से।