On YouTube
संतों का व्यक्तित्व नहीं, सार देखो || आचार्य प्रशांत (2016)
1.8K views
7 years ago
Description

संस्था से संपर्क हेतु इस फॉर्म को भरें: http://acharyaprashant.org/enquiry?formid=201 या कॉल करें: +91- 9650585100/9643750710 आप अपने प्रश्न इस नम्बर पर व्हाट्सएप्प कर सकते हैं: +91-7428348555 ~~~~~~~~~~~~~ आचार्य प्रशांत संग ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में भाग लेने के लिए: https://solutions.acharyaprashant.org ~~~~~~~~~~~~~ आचार्य प्रशांत से मुलाकात हेतु, और उनकी जीवनी, कृतित्व, पुस्तकों, व मीडिया के लिए: https://acharyaprashant.org ~~~~~~~~~~~~~ इस अभियान को, और लोगों तक पहुँचाने में आर्थिक सहयोग दें: http://acharyaprashant.org/donate ~~~~~~~~~~~~~ वीडियो जानकारी: शब्दयोग संवाद, 17.7.16, रमण महर्षि केंद्र, दिल्ली, भारत प्रसंग: ~ संतों की जीवनी से क्या सीखें? ~ संतों के जीवन के विषय में कितना ज्ञान एकत्रित करना चाहिए? ~ संतों के व्यक्तित्व के प्रति जिज्ञासा कितनी अर्थपूर्ण है? ~ संतों का व्यक्तित्व नहीं, सार देखो का क्या आशय हैं? ~ क्या संत के नीजि जीवन देखना उचित हैं या नहीं? ~ क्या संतो के वचनों को नक़ल करना चाहिए? ~ संतों के व्यक्तित्व के प्रति जिज्ञासा कितनी अर्थपूर्ण है? संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~~~~ संतों के जीवन की घटनाएँ नहीं उनके पीछे का सत्य देखो। ऊपर-ऊपर का देखोगे तो ऊपर-ऊपर में उलझ के रह जाओगे। मीरा के भजन लोग गा रहें हैं, मीरा से बेहतर गा रहें हैं पर मीरा नहीं हो गए इससे। जब आपको ज्ञान बहुत हो जाता है तो आप नकल करना शुरू कर दोगे। ~ आचार्य प्रशांत जी