वीडियो जानकारी: 25.01.2026 भगवद् गीता सत्र, ग्रेटर नोएडा Title: वो स्त्री है, वो कुछ भी कर सकती है (सचमुच) || आचार्य प्रशांत, महिला दिवस पर || आचार्य प्रशांत (2026) विवरण: इस संवाद में आचार्य प्रशांत स्त्री-जीवन से जुड़ी उस गहरी सामाजिक धारणा को चुनौती देते हैं, जिसमें गृहिणी और कामकाजी महिला को दो अलग वर्गों में बाँट दिया गया है। एक महिला के प्रश्न से शुरू हुई यह चर्चा आगे बढ़ते हुए इस मूल प्रश्न तक पहुँचती है कि वास्तविक स्वतंत्रता क्या है। आचार्य जी बताते हैं कि आर्थिक स्वतंत्रता केवल पैसे कमाने का विषय नहीं, बल्कि साहस, निर्णय-क्षमता, विवेक, जगत-संपर्क और आत्मसम्मान से जुड़ा हुआ प्रश्न है। वे दिखाते हैं कि कैसे “घर की देवी”, “त्याग”, “ममता” और “संस्कार” जैसे मधुर शब्दों के पीछे अक्सर स्त्री की परनिर्भरता और उसकी संभावनाओं का दमन छिपा रहता है, और कैसे केवल समाज ही नहीं, कई बार स्त्रियाँ स्वयं भी अनजाने में इस व्यवस्था को स्वीकार करती रहती हैं।