वीडियो जानकारी: 20.03.25, दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली Title: अपनों की सहमति से बड़ा है सच || आचार्य प्रशांत, SRCC में (2025) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी अपनों से टकराव, पारिवारिक विरोध और समाज के दबाव के मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने समझाया कि जीवन के ज़रूरी कार्य कभी भी दूसरों की सहमति पर नहीं रुकने चाहिए। अपनों को प्रेम से समझाने का प्रयास करना चाहिए, लेकिन यदि वे न मानें तो वहीं अटकना व्यर्थ है। आचार्य जी स्पष्ट कर रहे हैं कि फाइट (Fight) का असली अर्थ चोट पहुँचाना नहीं, बल्कि अपनों को गलत राह से रोकना है। सही काम हर हाल में किया जाना चाहिए, चाहे परिवार या समाज उसका समर्थन करे या न करे। यह वीडियो उन लोगों के लिए है जो परिवार और समाज के दबाव से जूझ रहे हैं और अपने जीवन में सही काम करते हुए आज़ादी और सच्चाई के साथ जीना चाहते हैं।