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कब तक अपने अतीत में घुटती रहोगी? || आचार्य प्रशांत (2025)
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2 months ago
Description

वीडियो जानकारी: 28.09.25, गीता समागम Title : अगर कोई आपकी भावनाओं से खेले || आचार्य प्रशांत (2025) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी महिलाओं द्वारा झेले जाने वाले भावनात्मक अन्याय और रिश्तों में बार-बार मिलने वाली चोट पर चर्चा करते हैं। आचार्य जी समझाते हैं कि महिलाएँ अक्सर अच्छे भाव, त्याग और भरोसे के कारण वही गलती दोहराती हैं और उसी से दर्द मिलता है। ब्रह्मांड या यूनिवर्स किसी के भावनात्मक दर्द का हिसाब नहीं रखता, वह कोई इमोशनल जस्टिस नहीं देता। आचार्य जी स्पष्ट करते हैं कि रिश्ते बदल जाते हैं, लोग बदल जाते हैं, लेकिन अगर भीतर की अपेक्षाएँ और भावनात्मक निर्भरता नहीं बदलती तो परिणाम वही रहता है। इमोशनल जस्टिस की चाह अहंकार से आती है, आत्मबल से नहीं। आचार्य जी यह भी समझाते हैं कि महिलाओं की असली ताकत सामने वाले के बदले की उम्मीद में नहीं, बल्कि अपनी समझ और प्रतिक्रिया बदलने में है।