वीडियो जानकारी: 07.10.25, संत सरिता, ग्रेटर नोएडा Title : ना मैं कहता ना मैं सुनता, ना मैं सेवक, ना स्वामी || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2025) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी संत कबीर के भजन “ना मैं कहता, ना मैं सुनता | ना मैं सेवक, ना स्वामी” पर चर्चा कर रहे हैं। आचार्य जी समझाते हैं कि गीता या संत वाणी कोई विषय नहीं है जिसे सिर्फ पढ़ा या याद किया जाए, बल्कि यह एक दर्पण है जिसके माध्यम से मनुष्य स्वयं को देखता है। आचार्य जी बताते हैं कि हमारे अधिकांश विचार और पहचानें अहंकार से जुड़ी होती हैं, और जब तक मनुष्य अपने भीतर के “मैं” को नहीं देखता, तब तक ज्ञान भी जीवन में वास्तविक परिवर्तन नहीं ला पाता। आचार्य जी स्पष्ट करते हैं कि अध्यात्म जोड़ने का मार्ग नहीं, बल्कि झूठी धारणाओं और अहंकार को “ना” कहकर छोड़ने का मार्ग है। 🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर: https://open.spotify.com/show/3f0KFweIdHB0vfcoizFcET?si=c8f9a6ba31964a06&nd=1&dlsi=0db8e0909301402f संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~~