वीडियो जानकारी: 07.10.23, बोध प्रत्यूषा, ग्रेटर नोएडा Title : तनाव का असली कारण: ‘मैं’ || आचार्य प्रशांत, लाओत्सु पर (2023) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी ताओ ते चिंग के अध्याय 1 पर से चर्चा कर रहे है । वे बताते हैं कि रहस्य (अज्ञात) और अभिव्यक्ति (ज्ञात) दोनों एक ही स्रोत से आते हैं, और हमारा अहंकार इन्हीं दोनों से जुड़ा है। आचार्य जी समझाते हैं कि ज्ञात की सुरक्षा और पुराने अनुभवों का दोहराव हमें जकड़े रखते हैं, जिससे जीवन निष्प्राण और तनावपूर्ण हो जाता है। अहंकार ही हर तनाव का असली कारण है—“मैं” और तनाव हमेशा साथ चलते हैं; जहाँ अहंकार है, वहीं बेचैनी और संघर्ष जन्म लेते हैं। आचार्य जी स्पष्ट करते हैं कि अज्ञात का प्रेम ही सच्चा साहस और आध्यात्मिकता है। सुंदर वही है, जिसके सामने अहंकार गल जाए और कामना शांत हो जाए—यही सच्चे प्रेम और मुक्ति का द्वार है। आचार्य जी बताते हैं कि जब हम सत्य और प्रेम को अपनाते हैं, तो वे हमें भीतर से बदलते हैं और हमारी अभिव्यक्ति को अद्भुत और सुंदर बना देते हैं। यह वीडियो उन सभी के लिए है, जो जीवन की बेचैनी, चाहतों की विफलता और विकल्पों की भीड़ के बीच वास्तविक शांति, स्वतंत्रता और आंतरिक सुंदरता को पाना चाहते हैं।