वीडियो जानकारी: 14.08.2025, बोध प्रत्यूषा सत्र, गोवा Title: सबने सहा होगा, तुम मत सहना—जाओ आज़ाद जियो || आचार्य प्रशांत (2025) 📰 Source : https://docs.google.com/document/d/10... 📋 Chapters 0:00 - Intro 1:18 - भारत का अनावश्यक तनाव 6:03 - बदलाव की शुरुआत कैसे करें? 11:42 - हम टूटी व्यवस्था क्यों ढोते हैं? 17:31 - इस पिंजरे से आज़ादी का सूत्र 25:58 - Testimonial विवरण: इस वीडियो में आचार्य प्रशांत जी बताते हैं कि भारतीय जनजीवन में फैले ट्रैफ़िक जाम, चोरी का डर, गड्ढों वाली सड़कें और दमघोंटू व्यवस्थाएँ असल में हमारी अनुकूलन की आदत का परिणाम हैं—हम ग़लत को भी धीरे-धीरे “सामान्य” मान लेते हैं। वे समझाते हैं कि जैसे विमान में ऑक्सीजन मास्क पहले ख़ुद को लगाना पड़ता है, वैसे ही सबसे पहले व्यक्ति को अपने लिए एक स्वच्छ, शांत कोना खोजना चाहिए; जब स्वयं बचेंगे और सजग रहेंगे तभी समाज को दिशा दे पाएँगे।