वीडियो जानकारी: 20.08.25, गोवा Title: भारत का "ग्रीन" बिजली उत्पादन: दावों के पीछे का सच || आचार्य प्रशांत (2025) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: इस वीडियो में आचार्य प्रशांत भारत की ऊर्जा नीति और जलवायु परिवर्तन पर उसके प्रभाव की चर्चा कर रहे हैं। आचार्य जी बताते हैं कि भले ही भारत ने 2030 की डेडलाइन से पहले 50% गैर-जीवाश्म आधारित क्षमता हासिल कर ली है, लेकिन वास्तविकता यह है कि देश की लगभग 72% बिजली आज भी कोयले से ही बन रही है। वे स्पष्ट करते हैं कि गैर-जीवाश्म (Non-Fossil) ऊर्जा हमेशा “साफ़’ नहीं होता, क्योंकि इसमें बड़े बाँध (Dams) और परमाणु ऊर्जा (Nuclear Energy) जैसे स्रोत भी आते हैं, जिनके गंभीर पर्यावरणीय नुकसान हैं। आचार्य जी यह भी बताते हैं कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार्बन उत्सर्जक है और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव भी भारत पर अधिक ही पड़ेंगे। आचार्य जी समझाते है कि केवल आंकड़ों पर प्रसन्न होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कोयले पर निर्भरता घटाकर उत्सर्जन को वास्तविक रूप से कम करना ही असली चुनौती है।