वीडियो जानकारी: 10.05.2025, बोध प्रत्यूषा, ग्रेटर नोएडा Title : रावण का तोपची नहीं, राम की गिलहरी बनो || आचार्य प्रशांत (2025) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी बता रहे हैं कि असली सवाल यह नहीं है कि आप नौकरी कर रहे हैं या अपना काम — असली बात यह है कि आपका काम सच और भलाई की सेवा कर रहा है या नहीं। आचार्य जी बताते हैं कि काम का असली मूल्य इस बात से तय होता है कि वह तुम्हें मुक्त करता है या बाँधता है। अगर काम तुम्हें थकाता है या भीतर खालीपन छोड़ता है, तो वह सेवा या साधना नहीं, सिर्फ़ गुलामी का नया रूप है। आचार्य जी स्पष्ट करते हैं — सेवा भी तभी सार्थक है जब उसमें समझ और सजगता हो, न कि सिर्फ़ त्याग का दिखावा। बहुत लोग फ्री में काम करते हैं, पर भीतर खालीपन बढ़ता जाता है — क्योंकि दिशा नहीं है, बस भागना है। आचार्य जी कहते हैं — सच्चा काम वही है जिसमें तुम्हारा मन, बुद्धि और प्रेम — तीनों एक साथ जुड़ जाएँ। वहीं से जीवन में अर्थ आता है, और वहीं से स्वतंत्रता शुरू होती है।