वीडियो जानकारी: 18.05.25, बोध स्थल ग्रेटर नोएडा Title: ताकत नहीं, इश्क की कमी है || आचार्य प्रशांत, संत रूमी पर (2025) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी संत रूमी की पंक्ति “इश्क है आसमां में उड़ के जाना” पर चर्चा करते हुए बताते हैं कि इंसान की सबसे बड़ी कमी ताकत की नहीं बल्कि इश्क की है। आत्मा अनंत बल का स्रोत है, फिर भी हम खुद को बलहीन मानकर “मैं मजबूर हूँ” की लत में जीते रहते हैं। यह बलहीनता जन्मजात नहीं, बल्कि अहंकार द्वारा रचे गए बंधनों और बार-बार किए गए गलत चुनावों की आदत है। आचार्य जी समझाते हैं कि प्रेम वही है जो बंधन तोड़े और ताकत को जगाए, न कि हमें और कमजोर करे। मजबूरी की आवाज़ को “ना” कहना ही मुक्ति की शुरुआत है। जब व्यक्ति अपनी सीमाओं को चुनौती देता है और सत्य की ओर बल लगाता है, तब भीतर छुपी असली शक्ति प्रकट होती है। यही असली इश्क है—जो जीवन को रोमांचक बनाता है, बंधनों को तोड़ता है और आत्मा की अनंत सामर्थ्य को सामने लाता है।