🎓 Students Special [3] 🎓

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तीन पुस्तकों का कॉम्बो मुफ़्त स्टिकर के साथ
Description
सभी पाठकों के लिए तीन पुस्तकों का विशेष कॉम्बो भारी छूट पर!
विद्यार्थी जीवन + क्रांति + जानदार व्यक्तित्व + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त]
पढ़ें और अपने जीवन को सही दिशा दें।

विद्यार्थी जीवन, पढ़ाई और मौज:

आजकल का युवा, खासतौर से भारत का, विभिन्न पारिवारिक, सामाजिक, शैक्षणिक व मीडिया, व्यावसायिक, शारीरिक दुविधाएँ, प्रेम व रिश्ते तथा गहरे अस्तित्ववान जीवन सम्बन्धी प्रश्नों से जुड़ी बहुधा चुनौतियों का सामना करता है। युवा वर्ग एक ऐसी नाज़ुक स्थिति में है जहाँ से ज़िंदगी में गलत मोड़ लेना काफी आसान है। आचार्य प्रशांत अपने एक अनोखे ही तरीके से युवा पीढ़ी की ऊर्जा और संघर्षों को संबोधित करते हैं। इस पुस्तक का यही उद्देश्य है कि आपको भी स्पष्टता मिले और अपने जीवन के निर्णय आप स्वयं अपनी सूझबूझ से कर सकें।

क्रांति:

अधिकांशत: 'क्रांति' शब्द का अर्थ हम किसी बाहरी परिवर्तन से ही लगाते हैं। जीवन की सभी समस्या, उलझनों और दुःख का कारण हम हमेशा बाहर ही ढूँढते हैं, और फिर उसका समाधान भी।

हम अपने वास्तविक शत्रुओं से कभी परिचित हो ही नहीं पाते। हमारे भीतर ही कुछ ऐसा होता है जो सदा झुकने को, दबने को तैयार रहता। है। और इस भीतरी गुलामी को और प्रगाढ़ व मज़बूत बनाती है हमारी सामाजिक व्यवस्था। जीवन फिर हमारा निढाल और नीरस ही रह जाता है। न कोई धार होती है, न कोई आग।

आचार्य प्रशांत की यह 'क्रांति' पुस्तक आप तक इसीलिए लायी जा रही है कि आप अपने अंदरूनी दुश्मनों से रूबरू हो सकें और असली जवानी और आज़ादी का अनुभव ले सकें।
गुलामी बड़ी सस्ती होती है लेकिन आज़ादी एक कीमत माँगती है। यदि आपको भी विवशता और लाचारी का जीवन रास न आता हो, तो यह पुस्तक आपके लिए ही है।

जानदार व्यक्तित्व:

जानदार व्यक्तित्व बाहर से खाल चमकाने से, रूप-रंग बनाने से या ज्ञान और भाषा-शैली परिष्कृत करने से नहीं आता। ये भीतर की बात होती है। हम सबको यही रहता है कि बाहरी व्यक्तित्व अच्छा हो। भीतर का हाल ठीक रखने में हमारी रुचि नहीं होती क्योंकि दिखाई तो चीज़ बाहर की ही देती है। अगर बाहर-बाहर ही दिखावा करके और रंग-रोगन करके काम चल जाता है तो भीतर झाँकने की और सफ़ाई करने की जहमत हम नहीं उठाते।

प्रस्तुत पुस्तक में आचार्य प्रशांत ने ऊँचे व्यक्तित्वों के जीवन दर्शन और उनके लक्षणों के बारे में बड़े ही सहज तरीके से बताया है। एक जानदार व्यक्तित्व के मालिक बनने में यह पुस्तक पाठकों के लिए अवश्य सहायक सिद्ध होगी।
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क्या आपको आचार्य प्रशांत की शिक्षाओं से लाभ हुआ है? आपके योगदान से ही यह मिशन आगे बढ़ेगा।
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