उड़ जाएगा हंस अकेला + रहना नहीं देस बिराना है + चलना है दूर मुसाफ़िर + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त]

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तीन पुस्तकों का कॉम्बो मुफ़्त स्टिकर के साथ
Description
सभी पाठकों के लिए तीन पुस्तकों का विशेष कॉम्बो भारी छूट पर!
उड़ जाएगा हंस अकेला + रहना नहीं देस बिराना है + चलना है दूर मुसाफ़िर + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त]
पढ़ें और जीवन को सही दिशा दें।

उड़ जाएगा हंस अकेला:

कबीर साहब के इस प्रसिद्ध निर्गुण भजन की व्याख्या करते हुए आचार्य प्रशांत बताते हैं कि मृत्यु का स्मरण भय के लिए नहीं, बल्कि अपनी वास्तविक पहचान को जानने के लिए है। यह पुस्तक सीमित अहम् से मुक्त होकर सत्य की ओर बढ़ने का आमंत्रण है।

रहना नहीं देस बिराना:

यह पुस्तक स्पष्ट करती है कि अध्यात्म संसार से भागना नहीं, बल्कि उसके साथ सही संबंध स्थापित करना है। यह जीवन को उसकी संपूर्ण गरिमा के साथ जीने की प्रेरणा देती है।

चलना है दूर मुसाफ़िर:

जीवन एक अनवरत यात्रा है और मनुष्य उसका यात्री। यह पुस्तक माया-मोह की गाँठों को पहचानने और वेदांत की शिक्षा को जीवन में उतारने की स्पष्टता देती है।
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