सभी पाठकों के लिए दो पुस्तकों का विशेष कॉम्बो भारी छूट पर! स्त्री + आज़ादी 2.0 + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त] पढ़ें और जीवन को सही दिशा दें।
स्त्री:
आज़ाद जीवन एक आज़ाद मन की अभिव्यक्ति है। यदि व्यक्ति का मन मुक्त नहीं है तो मुक्ति आंदोलन शायद ही कभी अपने उद्देश्य की पूर्ति कर पाएँगे। स्त्री का वस्तुकरण ही उसकी दासता का प्रमुख कारण है। इस दासता से मुक्ति तभी सम्भव है जब स्त्री ख़ुद को वस्तु-मात्र न समझे। दुनिया स्त्री का शोषण करती है उसे एक भौतिक वस्तु जानकर, और स्त्री उस शोषण को सहती है क्योंकि देह से उसने अपना तादात्म्य बैठा लिया है। इस अति महत्वपूर्ण पुस्तक में आचार्य प्रशांत ने करुणापूर्वक शरीर का सही स्थान बताया है, उसके आग्रहों पर सुझाव दिया है, और स्त्री के मन की मुक्ति के मार्ग पर प्रकाश डाला है, जो कि ना केवल उसे आंतरिक बल प्रदान करता है बल्कि उसकी उच्चतम की ओर यात्रा को एक उड़ान देता है।
आज़ादी 2.0:
भारत की राजनीतिक आज़ादी के दशकों बाद भी हम अनेक तरीकों से कैद हैं - सामाजिक, मानसिक, भावनात्मक रूप से। आचार्य प्रशांत कहते हैं: तब दुश्मन स्पष्ट था, आज का दुश्मन छिपा हुआ है. आज दुश्मन आपका हितैषी बनकर वार कर रहा है।
आज़ादी 2.0 सिर्फ़ एक किताब नहीं है, यह आचार्य प्रशांत द्वारा दिए उन गहरे संवादों का संकलन है जो आपको वास्तविक स्वतंत्रता से परिचित कराती है। इस पुस्तक का उद्देश्य आज़ादी को लेकर कोई सतही शोर-गुल करना नहीं बल्कि सालों पुरानी ग़ुलामी के पीछे छुपे कारणों को समझना है। वही कारण जो आज आज़ादी के इतने वर्षों के बाद भी आपके-हमारे बीच न केवल अपनी जड़ें जमाए हुए हैं, बल्कि और अधिक गहराई पा रहे हैं। वही कारण जो आपके और आपकी उच्चतम संभावना के बीच की बाधा हैं।
यह पुस्तक आपको उस व्यक्ति से मिलवाएगी जो आप हो सकते हैं। उस जीवन से मिलवाएगी जो आप जी सकते हैं। उस आकाश से मिलवाएगी जिसमें आप उड़ान भर सकते हैं।