संघर्ष + 10 धोखे जो सब खाते हैं + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त]
दो पुस्तकों का कॉम्बो मुफ़्त स्टिकर के साथ
Description
सभी पाठकों के लिए दो पुस्तकों का विशेष कॉम्बो भारी छूट पर! संघर्ष + 10 धोखे जो सब खाते हैं + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त] पढ़ें और जीवन को सही दिशा दें।
संघर्ष:
जीवन प्रतिपल संघर्ष तो है ही, पर हम यह नहीं जान पाते कि हमारे लिए कौनसा संघर्ष उचित है। और फिर हम छोटी लड़ाइयों में उलझकर बड़ी और महत्वपूर्ण लड़ाई से चूक जाते हैं।
बड़ी लड़ाई वो है जो अपने विरुद्ध की जाती है, असली संघर्ष वो है जो मन के विकारों को हटाने के लिए किया जाता है। जैसे-जैसे हमारा मन सुलझता जाता है, वैसे-वैसे हम बाहरी चुनौतियों का सामना करने के लिए भी सक्षम होते जाते हैं। इस पुस्तक में हमें आचार्य प्रशांत से समझने को मिलेगा कि सही संघर्ष कौनसा है, वह क्यों ज़रूरी है और यह कि आनंद तो स्वयं से जूझने में ही है।
10 धोखे जो सब खाते हैं:
हर व्यक्ति जीवनभर किसी ऐसे की तलाश में रहता है जिस पर पूरा भरोसा किया जा सके। पर जब भी हमें लगता है कि संसार में कोई विश्वास करने लायक है, उतनी बार हम गलत साबित होते हैं।
कोई व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसे धोखा न मिला हो। पर चूँकि हम स्वयं को नहीं जानते और संसार को नहीं समझते, हम बार-बार वही गलतियाँ दोहराते हैं। हमारा भीतरी अज्ञान हमें यह देखने नहीं देता कि सिर्फ़ वस्तुएँ और परिस्थितियाँ बदल जाने भर से उनसे हमारा रिश्ता नहीं बदल जाता। जब तक हम भीतर से नहीं बदलते, तब तक हम उन्हीं गड्ढों में अलग-अलग तरीकों से गिरते रहेंगे।
प्रस्तुत पुस्तक में आचार्य प्रशांत हमें उन धोखों से अवगत करवाते हैं जिनमें हम अक्सर फँसते हैं। '10 धोखे जो सब खाते हैं' पुस्तक यह समझने में सहायक होगी कि धोखा खाने की वृत्ति हमारे भीतर ही बैठी हुई है, साथ-ही-साथ यह जानने में भी मदद करेगी कि कैसे हम बार-बार ठोकर खाने से बच सकते हैं।