ताओ ते चिंग - भाग 1 + ताओ ते चिंग भाग - 2 + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त]

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दो पुस्तकों का कॉम्बो मुफ़्त स्टिकर के साथ
Description
सभी पाठकों के लिए दो पुस्तकों का विशेष कॉम्बो भारी छूट पर!
ताओ ते चिंग - भाग 1 + ताओ ते चिंग भाग - 2 + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त]
पढ़ें और जीवन को सही दिशा दें।

ताओ ते चिंग - भाग 1:

प्रस्तुत पुस्तक एक अनूठी पुस्तक है जो विश्व के प्राचीन ग्रंथों में से एक "ताओ ते चिंग" पर आचार्य प्रशांत के प्रवचनों को संकलित करती है। ताओवाद कोई आयोजित धर्म नहीं है, वो एक तरह की जीवन-पद्धति है। ताओवाद कहता है, ‘यदि जीवन में शुभता लानी है तो प्रकृति के पीछे क्या है, प्रकृति का आधार क्या है, उसको समझना पड़ेगा।’ वेदान्त का प्रतिपाद्य विषय भी जिज्ञासा है, जानना है।

आचार्य प्रशांत ने इस पुस्तक के माध्यम से “ताओ ते चिंग” के रहस्यमयी सूत्रों को वेदान्त के प्रकाश में आज के संदर्भ में सरल और सहज भाषा में समझाया है, जिससे पाठक इस प्राचीन ज्ञान को अपने जीवन में आत्मसात कर सकें। यह पुस्तक ताओवाद की शिक्षाओं को वर्तमान जीवन की चुनौतियों और आवश्यकताओं के प्रति अत्यधिक प्रासंगिक बनाती है। इस पुस्तक में “ताओ ते चिंग” से पहले 10 सूत्रों पर व्याख्या को संकलित किया गया है।

ताओ ते चिंग भाग - 2:

दो सहस्राब्दियों से अधिक पुराना होने पर भी ताओ ते चिंग आज भी मनुष्य के जीवन को देखने की एक विरल दृष्टि देता है। इसकी विशेषता यह है कि यह बात को सीधे उपदेश की तरह नहीं, बल्कि ऐसे सूत्रों में कहता है जो हमारी जमी हुई धारणाओं को हिला देते हैं। कहीं खालीपन को शक्ति कहा गया है, कहीं पीछे रहने को श्रेष्ठता, और कहीं जल की तरह सरल, विनम्र और जीवनदायी होने की बात की गई है। यह ग्रंथ मनुष्य को अधिक सहज, अधिक सरल और कम बोझ लेकर जीने की दिशा देता है।

प्रस्तुत पुस्तक आचार्य प्रशांत द्वारा ताओ ते चिंग की व्याख्या पर आधारित शृंखला की दूसरी कड़ी है, जिसमें अध्याय चार से आठ तक के सूत्र संकलित हैं। पुस्तक में आचार्य प्रशांत द्वारा की गई व्याख्या इन गूढ़ सूत्रों को आज के संदर्भ में जीवंत कर देती है। इन व्याख्याओं का केंद्रीय सूत्र है: हम जिन संबंधों, सफलता, मान-सम्मान, अपनी मान्यताओं और सुरक्षा के सहारे स्वयं को पूरा करना चाहते हैं, उन्हीं से बँध भी जाते हैं।

यह पुस्तक उन पाठकों के लिए है जो जीवन को भय, चिपकाव और सहारे की आदत से नहीं, बल्कि अधिक स्पष्टता, सरलता और आंतरिक बल के साथ जीना चाहते हैं। जो ताकत जोड़ते जाने से नहीं, बल्कि अनावश्यक बोझ छोड़ने से आती है, उसी की ओर यह पुस्तक एक शांत पर गहरा संकेत करती है।
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