अकेलापन और निर्भरता + साहस + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त]

अकेलापन और निर्भरता + साहस + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त]

दो पुस्तकों का कॉम्बो मुफ़्त स्टिकर के साथ
Description
सभी पाठकों के लिए दो पुस्तकों का विशेष कॉम्बो भारी छूट पर!
अकेलापन और निर्भरता + साहस + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त]
पढ़ें और जीवन को सही दिशा दें।

अकेलापन और निर्भरता:

अकेलेपन का डर हमें अक्सर हमारे जीवन को अन्य वस्तुओं से भरने पर मजबूर कर देता है। वहीं से उन वस्तुओं के प्रति आसक्ति का जन्म होता है, जिसके कारण हमें जीवन में न जाने कितना दुःख भोगना पड़ता है। यदि इस डर को गहराई से समझा जाए तो जीवन सरल और बोधपूर्ण हो जाएगा। यह पुस्तक हमें उस डर के पार ले जाने का एक प्रयास है।

साहस:

हम जीवन में कई बार स्वयं को भीतर से कमज़ोर और हारा हुआ पाते हैं। हमें लगता है कि साहस कोई बाहरी चीज़ है जो आकर हमें मज़बूती देगी। आचार्य जी कहते हैं कि साहस कोई अवस्था नहीं होती, अवस्था भय की होती है। भय की कृत्रिम अवस्था के हटने पर जो सहजता बाक़ी रह जाती है, वही साहस है।

कई बार लगता है कि हमारी कमज़ोरी का फ़ायदा उठाया जा रहा है। इसका हम कुछ बाहरी समाधान खोजने का प्रयास करते हैं। आचार्य जी समझाते हैं कि ऐसे में हमें लड़ने की ज़रूरत ही नहीं है। हमें ऐसा हो जाना है कि किसी की हिम्मत ही नहीं पड़े कि हमें कमज़ोर समझे।

हमारे भीतर की शक्ति से हमें परिचित कराती आचार्य जी की प्रस्तुत पुस्तक हरेक उस व्यक्ति को सम्बोधित है जिसे अपने भीतर किसी तरह की कमी दिख रही है जो उसे आगे बढ़ने से रोकती हो।
Choose Format
Share this book
Have you benefited from Acharya Prashant's teachings? Only through your contribution will this mission move forward.
Reader Reviews
5 stars 0%
4 stars 0%
3 stars 0%
2 stars 0%
1 stars 0%